" एयाया…ह …एयाया ऊऊऊः रामू बहुत अच्छा लग रहा है." काफ़ी देर तक मैने भाभी की चूत और गांद चॅटी. मैं भाभी को कुतिया की तरह चोदने के लिए तैयार था. अब मैने उठ कर अपने लौदे का सुपरा भाभी की चूत के मुँह पर रखा और उनकी कमर पकड़ के ज़ोरदार धक्का लगाया. चूत बहुत ही गीली थी और इतनी देर से हो रही चुदाई के कारण चौड़ी हो गयी थी. एक ही धक्के में पूरा 10 इंच लौदा भाभी की चूत में समा गया. अब मैने ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए. फ़च….फ़च….फ़च….फ़च .. का मधुर संगीत कमरे में गूंज़ने लगा.
" भाभी मज़ा आ रहा है मेरी जान ?"
" ऊहह…अयाया बहुत मज़ा आ रहा है मेरे राजा. अयाया…. फाड़ डालो मेरी चूत को आज. मार डालो मुझे… औइ मा….. मैं मर जाउन्गी."
" भाभी मेरा इनाम कब दोगि?"
"…अया….. ऊवू…. जब मर्ज़ी लेले. ऊवू बोल …अया … क्या चाहिए?"
" भाभी मैं आपकी गांद में अपना लंड डालना चाहता हूँ."
" नहीं रे तेरा मूसल तो मेरी गांद फाड़ देगा. ना बाबा ना. कुच्छ और माँग ले."
" भाभी मेरी जान जब से आप इस घर में आई हो आपकी मोटी गांद देख कर ही मेरा लंड फंफना जाता है. एक बार तो इस लौदे को अपनी गांद का स्वाद लेने दो"
" तू तो बहुत ही ज़िद्दी है. ठीक है अगर तुझे मेरी गांद इतनी पसंद है तो लेले. लेकिन मेरे राजा बहुत धीरे से डालना, तेरा लंड बहुत ही मोटा है."
" हां भाभी बिल्कुल धीरे से डालूँगा." मैं जल्दी से वॅसलीन ले आया. भाभी के पीछे बैठ कर उनके चूतर दोनो हाथों से फैला दिए और उस गुलाबी छेद को कुत्ते की तरह चाटने लगा. जीभ को भी गांद के अंडर घुसेड दिया.मैने ढेर सारी वॅसलीन अपने लौदे पर लगाई और फिर ढेर सारी अपनी उंगली पर ले कर भाभी की गांद में लगाई. अब मैने अपने लंड का सुपरा भाभी की गांद के छेद पर रखा और धीरे से दबाव डाल कर सुपादे को भाभी की गांद में सरका दिया. भाभी की गांद का छेद मेरे मोटे लंड के घुसने से बुरी तरह फैल गया.
"आआआआआईयईईईईईईईईईईई…………….आआआहहा…वी माआआआ………. मर गयी . बस कर रामू आआआः…..निकाल ले बहुत दर्द हो रहा है" भाभी बहुत ज़ोर से चीखी. थोरी देर में जब भाभी का दर्द कम हुआ तो मैने तोरा और दबाव डाल कर करीब तीन इंच लंड भाभी की गांद में पेल दिया. भाभी को पसीने छ्छूट गये थे. मैने और थोड़ा इंतज़ार किया और भाभी की चुचियाँ और चूतरो को सहलाता रहा. फिर मैने भाभी की कमर पकड़ के एक हल्का सा धक्का लगाया और 5 इंच लंड भाभी की गांद में पेल दिया.
"आआआः …… ऊऊओ…….आआआः…..इसस्सस्स और कितना बाकी है रामू? फॅट जाएगी मेरी गांद."
" बस मेरी जान थोड़ा सा और" ये कहते हुए मैने एक ज़ोर का धक्का लगा दिया. अब तो करीब करीब 9 इंच लंड भाभी की गांद में समा गया.
"आआआआअ………..आआआआआआआ….ओईईईईईईईईईई…..छोड़ दे मुझे ज़ालिम
कहीनका.आआआआआआ……………. मुझे नहीं चुदवाना. प्लीज़ रामू मैं तेरे हाथ जोड़ती हूँ निकाल ले. मैं नही सहन कर सकती.वी माआ……. आआहह." मैं थोड़ी देर तक बिना हीले लंड गांद में डाले हुए पड़ा रहा. जब भाभी का दर्द कम हुआ तो मैने बहुत ही धीरे धीरे अपना लंड भाभी की गांद में अंडर बाहर करना शुरू किया. भाभी का दर्द अब काफ़ी कम हो गया था. मैने अब पूरा लंड बाहर निकाल कर जड़ तक पेलना शुरू किया.मैने देखा कि भाभी भी अब अपने चूतर पीछे उचका कर मेरा लंड अपनी गांद में ले रही थी.
" भाभी कैसा लग रहा है ?" मैने भाभी की चूचियाँ दबाते हुए पूछा.
" आअहह…… अब अच्छा लग रहा है मेरे राजा. थोड़ा और ज़ोर से चोद." अब तो मैं भाभी के चूतर पकड़ कर अपने 10 इंच के लौदे को भाभी की गांद में जड़ तक पेलने लगा. धीरे धीरे मेरे धक्के तेज़ होते गये.
" अया….. ऊवू एयेए……ह….ऊऊऊओ …आऐईयईईई, बहुत मज़ा आ रहा है. फाड़ दे अपने लौदे से मेरी गांद. अया….. पीछे से तो अब मैं तेरी बीवी हो गयी हूँ ….एयाया……एयाया…सुहाग रात को तेरे भैया ने मेरी कुँवारी चूत चोदि थी और आज तू मेरी कुँवारी गांद मार रहा है. वी मया…..आआ….चोद मेरे राजा चोद मुझे. जी भर के चोद."
मेरे धक्के और भी भयंकर होते जा रहे थे. भाभी की जिस गांद ने मेरी नींद उड़ा दी थी, आज उसी गांद में मेरा 10 इंच का लौदा जड़ तक घुसा हुआ था. भाभी को चोद्ते हुए अब करीब दो घंटे हो चले थे. मैं भी अब झरने वाला था. 15 – 20 धक्कों के बाद मैने ढेर सारा वीर्य भाभी की गांद में उंड़ेल दिया. मेरा वीर्य भाभी की गांद में से निकल कर चूत की ओर बहने लगा. मैने अपना लंड भाभी की गांद में से बाहर निकाल लिया. भाभी ने उठ कर बारे प्यार से लंड को अपने मुँह में ले कर चाटना और चूसना शुरू कर दिया. भाभी ने पूरे लंड और मेरे अमरूदों को चाट कर ऐसे सॉफ कर दिया मानों मेरे लंड ने कभी चुदाई ही ना की हो.
“भाभी दर्द तो नहीं हो रहा?”
“10 इंच का मूसल मेरी गांद में डालने के बाद पूछ रहा है दर्द तो नहीं हो रहा. लगता है एक महीने तक ठीक से चल भी नहीं पाउन्गि”
“तो फिर आपको मज़ा नहीं आया?”
“कैसी बातें कर रहा है? इससे चुदवाने के बाद किस औरत को मज़ा नहीं आएगा? लेकिन तेरे दिल की तमन्ना पूरी हुई कि नहीं?” भाभी मेरे लॉड को प्यार से सहलाते हुए बोली.
“ हां मेरी प्यारी भाभी.आपके भारी नितंबों को मटकाते देख कर मेरे दिल पर छुरी चल जाती थी. मेरा लंड फंफना उठता था और आपके चूतरो के बीच में घुसने को बेकरार हो जाता था.आज तो मैं नहाल हो गया.”
“ सच ! मुझे नहीं पता था कि मेरे नितंब तुझे इतना तड़पाते हैं. मैं बहुत खुश हूँ कि तेरे दिल की तमन्ना पूरी हुई. अब तो तू एक बार मेरी गांद मार ही चुका है. जब भी तेरा दिल करेगा तुझे कभी मना नहीं करूँगी. तेरी ही चीज़ है.”
“ आप कितनी अच्छी हो भाभी.देखना अब आपके नितंबों में कितना निखर आएगा. राह चलते लोगों का लंड आपके चूतरो को देख कर खड़ा हो जाएगा.”
“ मुझे किसी का लंड नहीं खड़ा करना. तेरा खड़ा होता रहे उतना ही काफ़ी है. अभी तो मेरी गांद का छेद फटा सा जा रहा है.”
“ एक बात पूछूँ भाभी? भैया आपको कॉन कॉन सी मुद्राओं में चोदते हैं?”
“ अरे ! तेरे भैया तो अनारी हैं. उन्हें तो सिर्फ़ मेरी टाँगों के बीच बैठ कर ही चोदना आता है. अक्सर तो पूरी तरह नंगी भी नहीं करते. सारी उठाई और पेल दिया. 15-20 मिनिट में ही काम ख़तम!”
“आपको नंगी हो कर चुदवाने में मज़ा आता है?”
“हां मेरे राजा. किस औरत को नहीं आएगा? और फिर मरद को भी तो औरत को पूरी तरह नंगी करके चोदने में मज़ा आता है. तू बता तुझे किस मुद्रा में चोदना अच्छा लगता है?”
“भाभी आपके जैसी खूबसूरत औरत को तो किसी भी मुद्रा में चोदने में मज़ा आता है, लेकिन सबसे ज़्यादा मज़ा तो आपको गाय बना कर, आपके मोटे मोटे चूतर फैला कर सांड़ की तरह चोदने में आता है. इस मुद्रा में आपकी फूली हुई रस भरी चूत और गुलाबी गांद, दोनो के दर्शन हो जाते हैं और दोनो को ही आसानी से चोदा जा सकता है.”
“ अच्छा तो तू अब काफ़ी माहिर हो गया है.”
अब तो मैं और भाभी घर में हमेशा नंगे ही रहते थे और मैं दिन में तीन चार बार भाभी को चोद्ता था और गांद भी मारता था. एक दिन भैया वापस आ गये. वापस आने के बाद तीन चार दिन तो भैया ने भाभी को जम कर चोदा, लेकिन उसके बाद फिर वोही पुराना सिलसिला शुरू हो गया. भाभी की चूत की प्यास को मिटाने की ज़िम्मेदारी फिर मेरे 10 इंच के लौदे पर आ पड़ी. अब तो भाभी को गांद मरवाने का इतना शौक हो गया कि हफ्ते में दो तीन बार मुझे उनकी गांद भी मारनी पड़ती थी. तो दोस्तो ये तो हुई मेरी देवर रामू से चुदाई की कहानी जिसे आपने मेरे देवर की ज़ुबानी सुना लेकिन मेरा सफ़र यहा ख़तम नही हुआ मुझे अब भी अपने भाई का लंड अपनी आखो के सामने दिखता था दोस्तो आपको तो मालूम है मैने अपने भाई का लंड अपनी चूत मे एक बार लेने की ठान ली थी क्या मैं अपने भाई का लंड अपनी चूत मे ले पाई ये जानने के लिए पढ़ते रहिए मस्तानी हसीना के आगे के पार्ट
क्रमशः...........
" भाभी मज़ा आ रहा है मेरी जान ?"
" ऊहह…अयाया बहुत मज़ा आ रहा है मेरे राजा. अयाया…. फाड़ डालो मेरी चूत को आज. मार डालो मुझे… औइ मा….. मैं मर जाउन्गी."
" भाभी मेरा इनाम कब दोगि?"
"…अया….. ऊवू…. जब मर्ज़ी लेले. ऊवू बोल …अया … क्या चाहिए?"
" भाभी मैं आपकी गांद में अपना लंड डालना चाहता हूँ."
" नहीं रे तेरा मूसल तो मेरी गांद फाड़ देगा. ना बाबा ना. कुच्छ और माँग ले."
" भाभी मेरी जान जब से आप इस घर में आई हो आपकी मोटी गांद देख कर ही मेरा लंड फंफना जाता है. एक बार तो इस लौदे को अपनी गांद का स्वाद लेने दो"
" तू तो बहुत ही ज़िद्दी है. ठीक है अगर तुझे मेरी गांद इतनी पसंद है तो लेले. लेकिन मेरे राजा बहुत धीरे से डालना, तेरा लंड बहुत ही मोटा है."
" हां भाभी बिल्कुल धीरे से डालूँगा." मैं जल्दी से वॅसलीन ले आया. भाभी के पीछे बैठ कर उनके चूतर दोनो हाथों से फैला दिए और उस गुलाबी छेद को कुत्ते की तरह चाटने लगा. जीभ को भी गांद के अंडर घुसेड दिया.मैने ढेर सारी वॅसलीन अपने लौदे पर लगाई और फिर ढेर सारी अपनी उंगली पर ले कर भाभी की गांद में लगाई. अब मैने अपने लंड का सुपरा भाभी की गांद के छेद पर रखा और धीरे से दबाव डाल कर सुपादे को भाभी की गांद में सरका दिया. भाभी की गांद का छेद मेरे मोटे लंड के घुसने से बुरी तरह फैल गया.
"आआआआआईयईईईईईईईईईईई…………….आआआहहा…वी माआआआ………. मर गयी . बस कर रामू आआआः…..निकाल ले बहुत दर्द हो रहा है" भाभी बहुत ज़ोर से चीखी. थोरी देर में जब भाभी का दर्द कम हुआ तो मैने तोरा और दबाव डाल कर करीब तीन इंच लंड भाभी की गांद में पेल दिया. भाभी को पसीने छ्छूट गये थे. मैने और थोड़ा इंतज़ार किया और भाभी की चुचियाँ और चूतरो को सहलाता रहा. फिर मैने भाभी की कमर पकड़ के एक हल्का सा धक्का लगाया और 5 इंच लंड भाभी की गांद में पेल दिया.
"आआआः …… ऊऊओ…….आआआः…..इसस्सस्स और कितना बाकी है रामू? फॅट जाएगी मेरी गांद."
" बस मेरी जान थोड़ा सा और" ये कहते हुए मैने एक ज़ोर का धक्का लगा दिया. अब तो करीब करीब 9 इंच लंड भाभी की गांद में समा गया.
"आआआआअ………..आआआआआआआ….ओईईईईईईईईईई…..छोड़ दे मुझे ज़ालिम
कहीनका.आआआआआआ……………. मुझे नहीं चुदवाना. प्लीज़ रामू मैं तेरे हाथ जोड़ती हूँ निकाल ले. मैं नही सहन कर सकती.वी माआ……. आआहह." मैं थोड़ी देर तक बिना हीले लंड गांद में डाले हुए पड़ा रहा. जब भाभी का दर्द कम हुआ तो मैने बहुत ही धीरे धीरे अपना लंड भाभी की गांद में अंडर बाहर करना शुरू किया. भाभी का दर्द अब काफ़ी कम हो गया था. मैने अब पूरा लंड बाहर निकाल कर जड़ तक पेलना शुरू किया.मैने देखा कि भाभी भी अब अपने चूतर पीछे उचका कर मेरा लंड अपनी गांद में ले रही थी.
" भाभी कैसा लग रहा है ?" मैने भाभी की चूचियाँ दबाते हुए पूछा.
" आअहह…… अब अच्छा लग रहा है मेरे राजा. थोड़ा और ज़ोर से चोद." अब तो मैं भाभी के चूतर पकड़ कर अपने 10 इंच के लौदे को भाभी की गांद में जड़ तक पेलने लगा. धीरे धीरे मेरे धक्के तेज़ होते गये.
" अया….. ऊवू एयेए……ह….ऊऊऊओ …आऐईयईईई, बहुत मज़ा आ रहा है. फाड़ दे अपने लौदे से मेरी गांद. अया….. पीछे से तो अब मैं तेरी बीवी हो गयी हूँ ….एयाया……एयाया…सुहाग रात को तेरे भैया ने मेरी कुँवारी चूत चोदि थी और आज तू मेरी कुँवारी गांद मार रहा है. वी मया…..आआ….चोद मेरे राजा चोद मुझे. जी भर के चोद."
मेरे धक्के और भी भयंकर होते जा रहे थे. भाभी की जिस गांद ने मेरी नींद उड़ा दी थी, आज उसी गांद में मेरा 10 इंच का लौदा जड़ तक घुसा हुआ था. भाभी को चोद्ते हुए अब करीब दो घंटे हो चले थे. मैं भी अब झरने वाला था. 15 – 20 धक्कों के बाद मैने ढेर सारा वीर्य भाभी की गांद में उंड़ेल दिया. मेरा वीर्य भाभी की गांद में से निकल कर चूत की ओर बहने लगा. मैने अपना लंड भाभी की गांद में से बाहर निकाल लिया. भाभी ने उठ कर बारे प्यार से लंड को अपने मुँह में ले कर चाटना और चूसना शुरू कर दिया. भाभी ने पूरे लंड और मेरे अमरूदों को चाट कर ऐसे सॉफ कर दिया मानों मेरे लंड ने कभी चुदाई ही ना की हो.
“भाभी दर्द तो नहीं हो रहा?”
“10 इंच का मूसल मेरी गांद में डालने के बाद पूछ रहा है दर्द तो नहीं हो रहा. लगता है एक महीने तक ठीक से चल भी नहीं पाउन्गि”
“तो फिर आपको मज़ा नहीं आया?”
“कैसी बातें कर रहा है? इससे चुदवाने के बाद किस औरत को मज़ा नहीं आएगा? लेकिन तेरे दिल की तमन्ना पूरी हुई कि नहीं?” भाभी मेरे लॉड को प्यार से सहलाते हुए बोली.
“ हां मेरी प्यारी भाभी.आपके भारी नितंबों को मटकाते देख कर मेरे दिल पर छुरी चल जाती थी. मेरा लंड फंफना उठता था और आपके चूतरो के बीच में घुसने को बेकरार हो जाता था.आज तो मैं नहाल हो गया.”
“ सच ! मुझे नहीं पता था कि मेरे नितंब तुझे इतना तड़पाते हैं. मैं बहुत खुश हूँ कि तेरे दिल की तमन्ना पूरी हुई. अब तो तू एक बार मेरी गांद मार ही चुका है. जब भी तेरा दिल करेगा तुझे कभी मना नहीं करूँगी. तेरी ही चीज़ है.”
“ आप कितनी अच्छी हो भाभी.देखना अब आपके नितंबों में कितना निखर आएगा. राह चलते लोगों का लंड आपके चूतरो को देख कर खड़ा हो जाएगा.”
“ मुझे किसी का लंड नहीं खड़ा करना. तेरा खड़ा होता रहे उतना ही काफ़ी है. अभी तो मेरी गांद का छेद फटा सा जा रहा है.”
“ एक बात पूछूँ भाभी? भैया आपको कॉन कॉन सी मुद्राओं में चोदते हैं?”
“ अरे ! तेरे भैया तो अनारी हैं. उन्हें तो सिर्फ़ मेरी टाँगों के बीच बैठ कर ही चोदना आता है. अक्सर तो पूरी तरह नंगी भी नहीं करते. सारी उठाई और पेल दिया. 15-20 मिनिट में ही काम ख़तम!”
“आपको नंगी हो कर चुदवाने में मज़ा आता है?”
“हां मेरे राजा. किस औरत को नहीं आएगा? और फिर मरद को भी तो औरत को पूरी तरह नंगी करके चोदने में मज़ा आता है. तू बता तुझे किस मुद्रा में चोदना अच्छा लगता है?”
“भाभी आपके जैसी खूबसूरत औरत को तो किसी भी मुद्रा में चोदने में मज़ा आता है, लेकिन सबसे ज़्यादा मज़ा तो आपको गाय बना कर, आपके मोटे मोटे चूतर फैला कर सांड़ की तरह चोदने में आता है. इस मुद्रा में आपकी फूली हुई रस भरी चूत और गुलाबी गांद, दोनो के दर्शन हो जाते हैं और दोनो को ही आसानी से चोदा जा सकता है.”
“ अच्छा तो तू अब काफ़ी माहिर हो गया है.”
अब तो मैं और भाभी घर में हमेशा नंगे ही रहते थे और मैं दिन में तीन चार बार भाभी को चोद्ता था और गांद भी मारता था. एक दिन भैया वापस आ गये. वापस आने के बाद तीन चार दिन तो भैया ने भाभी को जम कर चोदा, लेकिन उसके बाद फिर वोही पुराना सिलसिला शुरू हो गया. भाभी की चूत की प्यास को मिटाने की ज़िम्मेदारी फिर मेरे 10 इंच के लौदे पर आ पड़ी. अब तो भाभी को गांद मरवाने का इतना शौक हो गया कि हफ्ते में दो तीन बार मुझे उनकी गांद भी मारनी पड़ती थी. तो दोस्तो ये तो हुई मेरी देवर रामू से चुदाई की कहानी जिसे आपने मेरे देवर की ज़ुबानी सुना लेकिन मेरा सफ़र यहा ख़तम नही हुआ मुझे अब भी अपने भाई का लंड अपनी आखो के सामने दिखता था दोस्तो आपको तो मालूम है मैने अपने भाई का लंड अपनी चूत मे एक बार लेने की ठान ली थी क्या मैं अपने भाई का लंड अपनी चूत मे ले पाई ये जानने के लिए पढ़ते रहिए मस्तानी हसीना के आगे के पार्ट
क्रमशः...........
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